आप कहां तक पहुंचें हैं अभी तक?

जीवन कई पड़ावों से होकर गुजरता है। अलग-अलग उम्र के अलग-अलग पड़ाव। जीवन में एक वक्त होता है जब हम मिलने की उम्मीद रखते हैं। नये-नये लोगों से जुड़ने की कोशिश करते हैं। उस उम्र में रिश्ते उतनी ही आ

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जायसी का पद्मावत बनाम भंसाली का पद्मावत

सुप्रीम कोर्ट के ताज़े आदेशानुसार , रानी पद्मावती की कहानी पर बनी फिल्म "पद्मावत" , चार राज्यों में लगाये गए प्रतिबन्ध को हटाते हुए , पूरे भारत में 25 जनवरी '18 को रिलीज़ की जा रही है .अब यह तो  फिल्म

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हींग लगे ना फिटकरी

बाज़ार में आजकल एक सामान तो खूब गिरा है . नया -पुराना , आधा -अधूरा , नरम -गरम , कच्चा- पक्का , सूखा -गीला ....हर वेरायटी ..आप जो चाहे ले जाओ सब बिकता है और खूब बिकता है . नहीं समझे क्या सामान है ? वो है लेखक . ले

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क्यों कहलाती है महिला अबला

सदियो से अक्सर कहा जाता रहा है कि महिलाएं अबला हैं, बेचारी हैं, कमजोर हैं. महिला को समाज ने हमेशा कमजोर माना है यही वजह है कि हर कोई किसी न किसी रूप में उसका शोषण करता रहा है। यहां तक कि महिलाएं खु

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जुड़ाव या जकड़न

अक्सर लोग कहते मिलते हैं कि अगर मैं 300 रुपये की घड़ी पहनू या 30,000 की, दोनों समय एक जैसा ही बताएंगी.मैं 300 गज के मकान में रहूं या 300 एकड़ के महल में, सर पर छत एक बराबर ही होगी. यदि मैं बिजनेस क्लास में यात्

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